Gurugram Breaking : गोली लगने के बाद भी खुद गाड़ी चलाकर टोल पहुंचा हिस्ट्रीशीटर, कार से मिली 26 गोलियां खोलेंगी हत्या का राज?
मर्डर मिस्ट्री का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि मनोज की बोलेरो गाड़ी पर गोलीबारी का एक भी बाहरी निशान नहीं मिला है। जानकारों का मानना है कि या तो हमलावर गाड़ी के भीतर ही बैठा था, या फिर मनोज को गाड़ी से नीचे उतारकर शूट किया गया।

Gurugram Breaking : खेड़की दौला टोल प्लाजा पर मंगलवार देर शाम दिल्ली का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर मनोज ओझा अपनी बोलेरो गाड़ी में लहुलुहान हालत में खुद ड्राइव करते हुए पहुंचा। टोल पर खड़े कर्मचारियों से कहां कि उसको गोली लगी हुई है और वह पांच किलोमीटर से कार चलाकर यहां पर पहुंचा है। उसको जल्दी अस्पताल पहुंचा दिया जाए। टोल पर खड़ी एंबुलेंस से गंभीर हालत में मनोज ओझा को अस्पमाल में लेकर गए,जहां पर डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया और पुलिस को सूचना दी गई।
मंगलवार शाम पांच बजे के लगभग एक सफेद रंग की बोलेरो (DL11 CF 1333) तेज रफ्तार में टोल पर रुकी। ड्राइविंग सीट पर बैठा व्यक्ति खून से लथपथ था। उसने खिड़की के बाहर हाथ निकालकर चिल्लाते हुए कहा मुझे 5 किलोमीटर पीछे गोली मारी गई है, जल्दी अस्पताल ले चलो। टोल कर्मियों ने उसे तुरंत मेदांता अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मनोज ओझा के रूप में हुई है, जो जून 2025 में ही जमानत पर जेल से बाहर आया था।

मर्डर मिस्ट्री का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि मनोज की बोलेरो गाड़ी पर गोलीबारी का एक भी बाहरी निशान नहीं मिला है। जानकारों का मानना है कि या तो हमलावर गाड़ी के भीतर ही बैठा था, या फिर मनोज को गाड़ी से नीचे उतारकर शूट किया गया। गोली लगने के बावजूद वह हिम्मत जुटाकर 5 किलोमीटर तक गाड़ी चलाकर टोल तक पहुंचा, जो हैरान करने वाला है।
पुलिस को तलाशी के दौरान बोलेरो से 2 अत्याधुनिक पिस्तौल, 4 लोडेड मैगजीन और 26 जिंदा कारतूस मिले हैं। इतनी बड़ी मात्रा में असलाह मिलना इस बात का संकेत है कि वह किसी बड़ी वारदात की फिराक में था या उसे अपनी जान का खतरा था।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार के अनुसार, मानेसर CIA और स्थानीय पुलिस की टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह 5 किलोमीटर इलाके में जांच की जा रही है।











